वीर बुलाने का मंत्र क्या है?

 सबसे पहले आप ये जान लो जिसको बुला रहे हो वो कौन सी शक्ति है , 52 प्रकार के वीर होते हैं उनके पास भैरव की शक्ति होती है । हनुमान जी को सभी 52 वीर सिद्ध हैं इसलिए उन्हें महावीर कहा जाता है । इस कारण भी उनमे अतुलित बल , साहस था । द्वापर युग मे श्री कृष्ण ने भी 52 वीर सिद्ध किये थे बाकी उनके बल के बारे में सभी परीचित है । गुरु गोरखनाथ आदि योगी के पास वीर की सिद्धियां थी जिसके कारण वो कहीं भी कभी भी निर्विघ्न और निडर होकर विचरण करते थे । 64 कला पूर्ण व्यक्तिव इन 52 वीरों में सिद्ध होते हैं 


इनमे से किसी भी वीर को बुलाने के लिए बहुत दमखम ,साहस और पुरूषार्थ चाहिये । ऊपर से इनके ऊर्जा का स्तर असाधारण होता है यदि सामने आ गये तो इनको संभालने की क्षमता भी चाहिए नहीं तो अर्थ का अनर्थ हो जाएगा । जो दक्ष प्रजापति के यज्ञ को विध्वंस कर सकता है इतने देवताओं के होते हुए भी तो उसकी शक्ति का आकलन इससे हो जाना चाहिये । हालाकि उसके उग्र व सौम्य दोनों स्वरूप होतें है ।

स्वामी को बुला रहे हो तो उसके चेले , इतर योनियां भी सक्रिय हो जाते है और उनमें बुलाने वाले के प्रति आक्रामक प्रवृत्ति होती है यदि सुरक्षा घेरा मजबूत नहीं है तो कुछ भी हो सकता है इसलिये ऐसे विचारों को मन में लाने से पूर्व उसकी पूरी जानकारी ले ली जानी चाहिये दूसरी बात अगर इस तरह के विचार किसी के मन में पल रहे हैं तो उसे अपने नजदीक के शमशान में रात्रि को जाकर एक दिन अकेले व्यतीत करके खुद का आकलन कर लेना चाहिये उसके बाद उसे उसका उत्तर मिल जायेगा ।

बिना योग्य गुरु के मार्गदर्शन के ऐसे उपायों को इधर -उधर से जानकारी जुटा कर करने से बचना चाहिये क्योंकि सक्षम गुरु कभी अपने शिष्य,साधकों का अहित नहीं होने देते । वो इस प्रक्रिया से गुजर चुके होते हैं ।

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