काली जुबान एक वरदान या एक अभिशाप

 दुर्वासा ऋषि को कौन नहीं जानता इनका वर्णन महाभारत काव्य में किया गया है। किस तरह से दुर्योधन इनको पांडवों के पास भेज कर कू चक्र रचा था पर देवी द्रौपदी के अतिथि सम्मान सत्कार से खुश होकर ऋषि दुर्वासा अभिशाप देने की जगह वरदान देकर आ गए थे।


माता कुंती के सेवा सत्कार से प्रसन्न होकर ऋषि दुर्वासा माता कुंती को एक ऐसा वरदान दिए थे जिसके चलते वह किसी भी देवता को अपने पास तुरंत प्रकट होने के लिए वाधय कर सकती थी।

वरदान देना, अभिशाप देना यह सब हमारी पौराणिक कथाओं में वर्णन है। किसी पर क्रोध आने पर ऋषि मुनि आम इंसान तो क्या देवी देवताओं को भी नहीं छोड़ते थे और उन पर अभिशाप दे देते थे और उनका अभिशाप भी समय आने पर फलीभूत होता था। अगर वह लोग किसी से प्रसन्न हो जाए तो उनको वरदान भी देते थे। यह वो लोग हैं जो पौराणिक कथाओं में साधना करके अपनी वाणी को सिद्ध कर लिया था जो वह कहते थे वह सत्य होने लगता था इन्हीं लोगों को काली जुबान वाले लोग कहा जा सकता है। अब आते हैं कलयुग…मुझको सुनने को मिला पड़ोस की गांव में एक लड़की जो बोलती है वह सत्य होने लगता है। यह सुनकर मुझको लगा एक बार उस लड़की से मिला जाए। यह बात सुनकर मेरे मन में बहुत सारे प्रश्न उठ रहे थे। फिर एक दिन कामकाज से फुर्सत मिला तो मैं उस लड़की से मिलने उसके गांव चला गया। उसके घर पहुंचने पर मैंने देखा उसकी बड़ी बहन और वह टीवी देख रही थी। मुझको देखकर वह दोनों बैठने के लिए कहा और पानी एक गिलास लाकर मुझको पीने के लिए दिया। उन दोनों से बात करते-करते बीच में मेरे अंदर की प्रश्न को बड़े चालाकी से पूछ लिया जिससे कि उनके दिल में चोट ना पहुंचे। मेरी बात को वह समझ नहीं पाए और उसकी बड़ी बहन उसकी छोटी बहन के विषय में बताने लगी । किस तरह उसकी छोटी बहन उसके ऊपर क्रोधित होकर कुछ बोल दिया और वह किस तरह से मूर्छित होकर गिर गई। यह सब बात मैं चुपचाप से ध्यान से सुन रहा था। पूरी बात सुनने के बाद उसके छोटी बहन को मैंने बोला तू मेरा पार्टनर बन जा दोनों खूब पैसा कमाएंगे मैं हंसते हुए कहा और कहा इस ताकत को पूरा विकसित कर लो इसके लिए मैं एक मंत्र दूंगा जिसको जाप करके 7 दिन के अंदर पूरी तरह से इस ताकत पर नियत्रण हासिल कर लोगी। एक बात सुनकर वह बहुत डर गई और मुझको कुछ नहीं बोली। मैं उसका चेहरा देखकर समझ चुका था।…मैंने यह सब देखकर बात को आगे नहीं बढ़ाया और मैं उठ खड़ा हुआ और उनसे घर जाने के लिए अनुमति मांगा दोनों बहने प्रेम से मुझको विदा क्या।। घर आते वक्त रास्ते में सोच रहा था मैं यह क्या करने जा रहा था थोड़ा सा पैसा के लिए एक लड़की की जिंदगी को बर्बाद करने जा रहा था। वह लड़की जानती थी एक बार काली जुबान का धावबा उसके ऊपर लग जाए तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगा। लोगों उस से बात करने में डरेंगे। सच कहूं तो वह लड़की काली जुबान नहीं थी उसकी जो बड़ी बहन कह रही थी वह सच तो था पर उसकी छोटी बहन से उसका लेना-देना नहीं था। यह सोचते सोचते मैं कब घर पहुंच गया पता नहीं चला। दूसरे दिन उस लड़की को दिखा वह हंस रही थी वह बातें कर रही थी वह खेल रही थी उसके मित्र गण उसके साथ इंस्टाग्राम रिल बना रहे थे। यह देखकर मेरा दिल को संतुष्टि मिला ऐसे ही उसकी जिंदगी चले। उसको हर खुशी मिले। उसके ऊपर कोई बुरी नजर ना पड़े और पड़ेगी भी नहीं क्योंकि उसके गांव और आसपास के गांव में किसी भी इंसान को यह सब सोचने के लिए समय नहीं है क्योंकि सुबह उठते ही वह लोग काम में चले जाते हैं और रात होते ही घर में आकर खाना पीना खाकर सो जाते हैं।। यह सब बात सोचने के लिए उनके पास समय ही नहीं है और वह लड़की उनके लिए दूसरे लड़कियों की तरह साधारण सा लड़की है। एक तरफ से देखा जाए तो काली जुबान साधारण इंसान के लिए एक अभिशाप है दूसरी तरफ साधु संतों के लिए एक वरदान है।


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